में आम आदमी हूँ (कविता) लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप मार्च 04, 2016 में आम आदमी हूँ (कविता) में आम आदमी हूँ. मुझे मेंरी अभिव्यक्तियों को बेचना नही आता. शब्दो के बाजार मे बिकना नहीआता. सु:ख-दु:ख. ईर्षा-द्वेष. धर्म-कर्म. सभई तरह का आता है अहसास. मगर क... और पढ़ें