रख भी सकता था नुमाइश में सजा कर मुझको, दर्द की तरह रखा जिसने छुपा कर मुझको. मेरी चाहत थी पसीने की कमाई जैसी, मुफ़लिसी में भी रखा उसने बचा कर मुझको. इतना मशगूल रहा बेखुदी के आलम मे...
एक राजमहल में कामवाली और उसका बेटा काम करते थे. एक दिन राजमहल में कामवाली के बेटे को हीरा मिलता है. वो माँ को बताता है. कामवाली होशियारी से वो हीरा बाहर फेककर कहती है ये कांच है...
रविवार : सूर्य का व्रत- एक वर्ष या 30 रविवारों तक अथवा 12 रविवारों तक करना चाहिए। व्रत के दिन लाल रंग का वस्त्र धारण करके 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:' इस मंत्र का 12 या 5 अथवा 3 माला...
प्यास से शुरू हुई जंग ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर को बना दिया संविधान निर्माता भारत को संविधान देने वाले डॉ. अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश में इंदौर के छोटे से कस्बे महू में हुआ था. डॉ. अंबेडकर के पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता का भीमाबाई था. डॉ. अंबेडकर अपने माता-पिता की चौदहवीं और सबसे छोटी संतान थे. गरीब और अछूत जाति में जन्म होने के कारण बाबासहेब को सारा जीवन कई मुसीबतों का सामना करना पड़ा. बचपन से लेकर युवा अवस्था तक दुत्कार पाते हुए उन्होंने जाति व्यवस्था के विरुद्ध आवाज उठाने का फैसला किया, जिसके लिए वो आजीवन संघर्ष करते रहे, जिसके लिए उन्होंने बौद्ध धर्म को अपनाया. उनके इस संघर्ष के लिए उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया. प्यास लगने पर भी नहीं थी पानी पीने की इजाजत स्कूली पढ़ाई में सक्षम होने के बावजूद अंबेडकर और अन्य अस्पृश्य बच्चों को विद्यालय मे अलग बिठाया जाता था और अध्यापक न तो इन पर ध्यान देते थे और न ही कोई उनकी सहायता करता था. साथ ही प्यास लगने पर कोई ऊँची जाति का व्यक्ति ऊँचाई से पानी उनके हाथों पर पानी ...
हिंदू प्रार्थना कोन कोन से है आठ प्रहर जानिए। वैसे संधि आठ वक्त की होती है, जिसे आठ प्रहर कहते हैं। आठ प्रहर के नाम : दिन के चार प्रहर- पूर्वान्ह, मध्यान्ह, अपरान्ह और सायंकाल। ...
🌺कल ओर आज 👏 दुर्योधन और राहुल गांधी - दोनों ही अयोग्य होने पर भी सिर्फ राजपरिवार में पैदा होने के कारन शासन पर अपना अधिकार समझते हैं। भीष्म और आडवाणी कभी भी सत्तारूढ़ नही हो ...
प्राचीन भारत की 10 रहस्यमयी किताबें, जानिए.. हम यहां, पुराण, मनु स्मृति, पंचतंत्र, जातक कथाएं, सिंहासन बत्तीसी, हितोपदेश, कथासरित्सागर, तेनालीराम की कहानियां, शुकसप्तति, कामसू...